मुक्केबाज़ी
खामोश जिम, शोरगुल वाले क्वोटा: LA28 से पहले भारतीय मुक्केबाज़ी की असली तस्वीरहैम्बर्ग का अखाड़ा, साल 2026. गौरव बिधूड़ी की 56 किग्रा सेमीफाइनल हार के बाद...
पटियाला का रजिस्टर: जहाँ पेरिस का शून्य दर्ज हुआ, वहीं अगली लड़ाई का हिसाब भी हैसुबह 5:40 बजे पटियाला के एनआईएस छात्रावास का गलियारा आधा ही जगा रहता है।...
चार स्वर्ण, शून्य पुरुष फाइनलिस्ट: वो मेडल टेबल जो असल में वज़न-वर्ग की लेखा समस्या थीदिल्ली का इंदिरा गांधी स्टेडियम, नवंबर 2026। मैं प्रेस बॉक्स से नहीं, 12वीं...
छह मुक्केबाज़, शून्य पदक, खाली कैलेंडर: पेरिस के बाद भारतीय मुक्केबाज़ी का लेखाअगस्त 2026, पेरिस। निशांत देव का 71 किलो क्वार्टरफ़ाइनल ख़त्म हुआ, स्कोरकार्ड...
पेरिस के बाद भारतीय मुक्केबाज़ी: छह मुक्केबाज़, शून्य पदक और वह चोट-बही जिसे कोई नहीं खोलतापेरिस ओलंपिक के मुक्केबाज़ी सेशन में मेरे पास एक बही थी — बाउट-टाइम शीट, जिसम...
तराज़ू बदल गया, नाम वही हैं: भारतीय मुक्केबाज़ी का अगला चक्र वेट-इन रूम से शुरू होता हैपटियाला के साई निस में सुबह सात बजे वेट-इन रूम की लाइन धीरे-धीरे आगे बढ़ती है...
रिलीज़ लेटर देर से आया: भारतीय मुक्केबाजी का ट्रांसफर लेजर और वर्ल्ड बॉक्सिंग की नई एंट्री लिस्टपेटियाला के राष्ट्रीय शिविर के दफ्तर में एक एंट्री शीट खुली पड़ी थी। एक नाम क...
रजिस्ट्री के 96 नाम, पेरिस के छह मुक्केबाज़, शून्य तमगे: भारतीय मुक्केबाज़ी का बेमेल बहीखातापिछले हफ्ते मैंने अंतर-इकाई पंजीकरण खिड़की की वही फाइल तीसरी बार खोली। कॉलम म...
